Tuesday, February 7, 2012

दादी का आशीर्वाद ...

हवा ऐसी चली 
हालात हुई मेरी खराब ...
हालचाल जानने आई गगन की दादी 
हँसते  मुस्कुराते कुछ पल बीती ...I
हमने पुछा, " अचानक कैसे आई दादी ? "
"हर दिल में जगह बनाने वाली ,तुमसे मिलने 
हम कैसे नहीं आती I "..बोली दादी 
हाथ जोड़कर प्रणाम किया हमने दादी को 
हमें गले लगाकर आशीर्वाद दिया ...और बोली 
"हमेशा तुम खुश रहो ..और खुशियां बाँटते रहो..."

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