हवा ऐसी चली
हालात हुई मेरी खराब ...
हालचाल जानने आई गगन की दादी
हँसते मुस्कुराते कुछ पल बीती ...I
हमने पुछा, " अचानक कैसे आई दादी ? "
"हर दिल में जगह बनाने वाली ,तुमसे मिलने
हम कैसे नहीं आती I "..बोली दादी
हाथ जोड़कर प्रणाम किया हमने दादी को
हमें गले लगाकर आशीर्वाद दिया ...और बोली
"हमेशा तुम खुश रहो ..और खुशियां बाँटते रहो..."
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